मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल विदिशा हाईवे 18 पर दुर्घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया। उसको इलाज के लिए दीवानगंज सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे तो वहां कोई डॉक्टर नहीं मिला।
सरकारी अस्पताल की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। गंभीर रूप से घायल एक युवक अस्पताल परिसर के बाहर दर्द से तड़पता रहा, लेकिन काफी देर तक उसे इलाज के लिए कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि युवक को तत्काल उपचार की आवश्यकता थी, इसके बावजूद अस्पताल में जिम्मेदार डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं थे। काफी देर बाद घायल युवक को अंदर ले जाकर पलंग पर लेटा दिया इसके पश्चात एंबुलेंस से भोपाल रेफर कर दिया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि कर्मचारियों द्वारा जब भी डॉक्टर के विषय में पूछा जाता है तो जवाब दिया जाता है कि डॉक्टर ट्रेनिंग पर गए हैं या फिर मीटिंग के लिए गए हैं। हर हफ्ते 2 से 3 दिन इसी तरह का जवाब दिया जाता है।
डॉक्टर के लिए ट्रेनिंग या मीटिंग जरूरी है या आम व्यक्ति की सांस जरूरी है।घटना के समय अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।इस घटना ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बार-बार डॉक्टर के न मिलने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर लापरवाही पर क्या कदम उठाता है।