– 6 गांव के ग्रामीण हो रहे हैं परेशान, किसी भी दिन हो सकती है बड़ी दुर्घटना
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम अंबाड़ी छपराई पुलिया के पास रेलवे क्रॉसिंग फाटक को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। 6 गांव के ग्रामीणों को रोज रेलवे पटरियां पार कर बीमार और गर्भवती महिलाओं को तो ले जाना आम बात है। गर्मी और सर्दी के मौसम में तो ग्रामीण पुलिया में से निकल जाते हैं मगर बारिश में ग्रामीणों को रेल की तीन पटरिया के ऊपर से गुजरना पड़ता है।

6 साल पूर्व ही रेलवे विभाग ने रेलवे फाटक पूर्ण रूप से बंद कर दिया है। जिसको खोलने के लिए कई सालों से आसपास गांव के ग्रामीण और किसान मांग करते हुए आ रहे हैं। लेकिन रेलवे विभाग किसानों और ग्रामीणों की मांग पर ध्यान नहीं दे रहा है। कई किसानों की जमीन रेलवे लाइन के उस पार पड़ती है। अंबाडी, सेमरा ,सहित कई गांवों के किसानों को आने-जाने और अपने वाहन को उस पार ले जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस रेलवे फाटक से 6 गांव के ग्रामीण रेलवे पटरियां पार कर आते जाते हैं। यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

केमखेड़ी, घोड़ाचौक, पिपरई, कालीटोर, शक्ति, मुनारा आदि गांव के ग्रामीण इसी रास्ते से होकर अपने जरूरी काम के लिए भोपाल, विदिशा, सांची, सलामतपुर, दीवानगंज आदि जगह जाते हैं। जिससे उनकी जान को हमेशा खतरा बना रहता था भोपाल से बीना तक चलने वाली ट्रेनें इसी मार्ग से होकर गुजरती है इस लाइन पर हर 15 मिनट मैं एक ट्रेन निकलती है ग्रामीणों को रेलवे पटरी पार करना जान जोखिम में डालना जैसा है अंबाड़ी छपरई रेलवे फाटक बंद होने से इन ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पढ़ रहा है। वहीं रेलवे विभाग ने अंडर पुलिया निर्माण कर दी हैं। लेकिन जरा सी बारिश में पुलिया में पानी भर जाता है। जिससे वाहन निकलना तो दूर की बात पैदल निकलना भी मुश्किल है। 4 महीने बारिश के ग्रामीण रेल की पटरिया पार कर अपने जरूरी काम की लिए जाते हैं।

रोज 150 से लेकर 200 मोटरसाइकिल ग्रामीण रोज रेल की पटरियों के ऊपर से निकालते हैं। सबसे ज्यादा समस्या पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की होती है जो रोजाना इन तीन रेल की पटरिया को पार कर दीवानगंज हाई सेकेंडरी स्कूल और सेमरा हाई स्कूल पहुंचते हैं।
इनका कहना हे
हमारे यहां पांचवी तक स्कूल है पांचवी के बाद हमें हाई स्कूल सेमरा पढ़ने आना पड़ता है हमारी मजबूरी है क्योंकि हमें आगे पढ़ना है पुलिया में बारिश का पानी भरा होने के कारण हम लोग रोज रेल की पटरी पार कर पैदल चलकर आते जाते हैं।
राधिका वंशकार छात्रा
4 महीने पुलिया में पानी भरा रहता हैं। इसमें से ना तो कोई पैदल निकल सकता है ना ही कोई गाड़ी निकल सकती है इसलिए हमारे मम्मी पापा गाड़ी से छोड़ने नहीं आ पाते हैं। हम सभी छात्र-छात्राएं 7 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल आते जाते हैं। आने और जाने में तीन रेलवे पटरिया पार करना पड़ता है
रेणुका लोधी छात्रा
जब भी क्षेत्र में तेज बारिश होती है तो यहां मार्ग पूरी तरह से बंद हो जाता है। जिससे मोटरसाइकिल नहीं निकाल पाते है हम सभी ग्रामीण रोज रेलवे पटरिया के ऊपर से मोटरसाइकिल निकाल कर भोपाल विदिशा दीवांगनगंज आते जाते जाते है।
आकाश सिंह स्थानीय निवासी
कुछ वर्ष पूर्व रेलवे के डीआरएम को आवेदन दिया था कि अंबाडी छपरई पुलिया का रेलवे फाटक खोल दिया जाए मगर इतनी सालों में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कई किसान परेशान हो रहे हैं।
कुंती रमेश कुमार अहिरवार सरपंच अंबाडी