रिपोर्ट धीरज जॉनसन,दमोह
दमोह जिले के कुछ क्षेत्र आज भी पक्के सड़क मार्ग का इंतजार करते हुए प्रतीत होते है चूंकि इन स्थानों तक पहुंचने के लिए रास्ता तो दिखाई देता है परंतु वह पथरीला,ऊबड़ खाबड़ और जोखिम भरा हुआ है।

दमोह विधानसभा के अंतर्गत आने वाले अभाना के वार्ड बीस तक पहुंचने के लिए लगभग एक किमी की दूरी कच्चे मार्ग से तय करना पड़ती है,ग्राम के मूरत,गोविंद,रघु बताते है कि ग्रामीण काफी समय से सड़क का इंतजार कर रहे है रास्ते में कुछ निजी भूमि भी है जिसके कारण भी दिक्कत है अभी तो ग्रामीणों ने ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ लिखा हुआ एक बैनर भी लगा दिया है देखना यह है कि इसका कितना असर होता है।

इसी तरह शहर से लगभग 12 किमी दूर ग्राम मशानडोल तक पहुंचने के लिए सलैया से करीब एक किमी के पहाड़ी और पथरीले रास्ते से गुजरना पड़ता है यहां एक प्राथमिक शाला भी दिखाई देती है जिसमें करीब 27 बच्चे दर्ज है। गांव तक आने के लिए दो पहिया और चार पहिया वाहनों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है सबसे ज्यादा दिक्कत उस समय होती है जब कोई बीमार हो जाता है।स्थानीय निवासी साहब,किशोर बताते है कि कई वर्षों से ग्रामीण यहां से पैदल ही आते जाते है बारिश में बहुत दिक्कत होती है पानी भर जाता है गांव के पास पहले तलैया बनी थी वह टूट गई अब दूसरी बन रही है वह भी कितना साथ देगी कह नहीं सकते। समस्या तो है पर कोई ध्यान नहीं देता है।