गरीब किसान एवं ग्रामीण लोगों के लिए अभिशाप बनी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना,रामेश्वरम जाने वालों की सूची में राजनीतिक पहुंच वालों के नाम
सूची में नाम नहीं आने पर नाराज हुए सैकड़ो लोग, कहा हमारी भी बारी आएगी देखेंगे,,,,
सी एल गौर रायसेन
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा गरीब असहाय किसान मजदूर वर्ग के निर्धन लोगों के लिए जो तीर्थ यात्रा पर आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण नहीं जा पाते ऐसे लोगों के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना चलाई गई है जो की कहीं वरदान साबित हो रही है तो कहीं भाई भतीजा बाद और राजनीति की भेंट चढ़ती हुई दिखाई दे रही है। जिन गरीब किसान मजदूर के लिए तीर्थ दर्शन योजना का लाभ दिया जाना समाज हित में है वहीं अब मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना रायसेन जिले में मजाक बनकर रह गई है। किस तरह से मुख्यमंत्री की तीर्थ दर्शन योजना का रायसेन जिले में मजाक उड़ाया जा रहा है इसका जीता यात्रा उद्धरण अभी हाल ही में रामेश्वरम तीर्थ दर्शन के लिए जाने वाली यात्रा में हजार लोगों से ऊपर आवेदन आए थे रायसेन जिले की सभी तहसीलों से आवेदन जिला मुख्यालय रायसेन बुलाए गए जहां आवेदनों की छटनी करते हुए उनमें ऐसे आवेदन तीर दर्शन योजना में जाने के लिए पास किए गए हैं जिनका कोई औचित्य नहीं है जो आर्थिक दृष्टि से सक्षम है और राजनीतिक पकड़ रखते हैं और कई शहरी क्षेत्र के लोग भी हैं जो राजनीतिक पकड़ रखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों पर दवाव बनाकर तीर्थ दर्शन योजना में शामिल हो गए और ऐसे लोगों का नाम भी सूची में आ गया है जिससे अन्य सैकड़ो लोगों के नाम सूची में नहीं आ पाए हैं उनमें बेहद नाराजगी के भाव देखे जा रहे हैं। बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित तहसील कार्यालय प्रांगण में ऐसे एक दर्जन से अधिक लोग जिनके तीर दर्शन योजना में नाम शामिल नहीं किए गए उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि भैया गरीबों का कोई नहीं है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा हमारे हित में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना चलाई गई है, परंतु निचले स्तर पर राजनीति की भेंट चढ़ रही है सत्ता पक्ष के नेताओं के कहने पर पहुंच वाले जो आर्थिक स्थिति से सक्षम है ऐसे लोगों के नाम सूची में दिए गए हैं और अधिकारियों द्वारा वहाना बनाया जा रहा है की लाट सिस्टम से पर्ची निकाल कर सूची बनाई गई है। जबकि यह सरासर गलत है अगर रामेश्वरम जाने वालों की बनाई गई सूची की बारीकी से जांच की जाए तो इसमें बहुत बड़ी गड़बड़ी उजागर होकर सामने आएगी जिले भर से इस योजना में जितने भी लोगों को शामिल करते हुए सूची बनाई गई है उसमें सभी सक्षम लोग हैं और सत्ता पक्ष से कहीं न कहीं अपनी पकड़ मजबूत रखते हैं। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी ध्यान देना जरूरी होगा जिला प्रशासन में बैठे आला अधिकारी भी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की सूची पर ध्यान नहीं देते इसी कारण से निचले स्तर के अधिकारी अपनी मनमानी करते हुए और सूची तैयार कर देते हैं । हकीकत में जिन लोगों को तीर्थ दर्शन के लिए जाना होता है ऐसे कई लोग सूची से वंचित रह जाते हैं इससे पूर्व में भी कई बार ऐसी कमी देखने में आई है कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का लाभ जिन लोगों को मिलना चाहिए उनको तो नहीं मिल रहा जो पात्र हैं परंतु जो अपात्र और आर्थिक दृष्टि से सक्षम है ऐसे लोगों को मुख्यमंत्री की दर्शन योजना में लाभ दिया जा रहा है और ऐसे ही लोगों को सूची में शामिल किया जाता है। तीर्थ दर्शन योजना रामेश्वरम के लिए लगाई गई तहसील कार्यालय परिसर में सूची को देखकर प्रांगण में नाराजगी के भाव लेकर बैठे तहसील क्षेत्र के ग्रामीण फूल सिंह, तुलाराम भाव सिंह, पार्वती बाई, मोहर सिंह, मुन्नू लाल येसे एक दर्जन से अधिक लोग तहसील कार्यालय में बैठे हुए थे जो की मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की सूची में नाम शामिल नहीं होने पर नाराज हो रहे थे उनका कहना है कि ठीक है मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में पहुंच वालों के नाम ही आए हैं हम गरीबों के नाम छोड़ दिए गए हैं अब आगे हमारी बारी आएगी तो देख लेंगे, उनका इशारा आगामी होने वाले विधानसभा चुनाव की ओर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा था। इस प्रकार से कहते हुए एक दर्जन से अधिक लोग रायसेन तहसील कार्यालय से बाहर नाराजगी के भाव लेते हुए अपने घरों की ओर जाते हुए दिखाई दिए इसमें से कई लोगों ने बताया कि हमने इसकी शिकायत क्षेत्र के विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर प्रभु राम चौधरी से भी की है कि वह रामेश्वरम के लिए तीर दर्शन योजना में शामिल होने वालों की सूची की जांच कराए और पुनः आवेदन बुलाकर जो पात्र लोग हैं उन्हें ही तीर्थ दर्शन योजना का लाभ मिले ऐसी मांग हम करते हैं। कमोवेश ऐसी स्थिति रायसेन तहसील क्षेत्र में ही नहीं जिले की सभी तहसील क्षेत्र में देखने और सुनने में आई है कि रामेश्वरम के लिए जाने वाली तीर्थ दर्शन योजना में बंदर बांट की गई है सत्ता पक्ष के नेताओं के इशारे पर सूची बनाई गई है, इस प्रकार की चर्चाएं जिला मुख्यालय सहित जिले भर में सुनाई दे रही हैं।
