आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बालिकाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हों इसलिए 18 नव आरक्षक पुलिसकर्मी प्रतिदिन को दे रहे हैं शिक्षा
भोपाल से देवेन्द्र कुमार जैन की रिपोर्ट
भोपाल नव आरक्षकों का सराहनीय प्रयास के अन्तर्गत में सात सृजन कार्यक्रमों से सामुदायिक पुलिस योजना के माध्यम से सहयोग देकर और स्थानीय सेफ सिटी संस्थाओं की मदद से रोजगार पंजीयन और पुलिस भर्ती हेतु फॉर्म भरने पर लगभग 180 बालिकाओं ने एमपी ऑनलाइन के माध्यम से रोजगार पंजीयन करवा लिया- प्रयोजन है, अभी-अभी निकली पुलिस भर्ती में घरेलू हिंसा प्रभावित बस्तियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बालिकाओं को संबल मिले और वे आत्म उत्थान हेतु अच्छे रोजगार अवसर प्राप्त कर पुलिस भर्ती में उनकी इच्छा अनुसार बैठ सके। पर साथ ही इस रोजगार पंजीयन से अन्य भर्ती और अन्य रोजगार अवसरों के लिए भी तैयार हो सके। पुलिस भर्ती के लिए पुलिस के 18 नव आरक्षको की पुलिसकर्मी प्रतिदिन बालिकाओं को पढ़ा रहे हैं! 6 बस्तियों में जाकर वहां के आंगनबाड़ी या स्कूल भवन के कक्ष में जाकर रोज पढा रहे हैं लगभग 125 बालिकाएं प्रतिदिन पढ़ने आ रही है।

इस अनूठे प्रयास के माध्यम से बालिकाओं का सशक्तिकरण और आत्मविश्वास बड़े और वे निडर और निश्चिंत होकर अपना भविष्य गढ़े, यही प्रयास हो रहा है जिन क्षेत्रों में यह कक्षाएं चल रही है वह हैं छोला मंदिर थाना क्षेत्र, शाहपुरा थाना क्षेत्र 12 नंबर मल्टी हबीबगंज थाना क्षेत्र, मिसरोद थाना क्षेत्र, कमला नगर थाना क्षेत्र, गौतम नगर थाना क्षेत्र और पिपलानी थाना क्षेत्र। विगत दिन इनकी तैयारी की समीक्षा की गई और उन्हें प्रोत्साहन प्रदान किया गया जो पुलिसकर्मी पढ़ाने का अच्छा कार्य कर रहे हैं उन्हें पुरस्कृत भी किया गया है। पुलिस लाइन में उपलब्ध नव आरक्षकों के द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा है।
इस अभियान में भोपाल की स्वयं सेवी संगठन- संगिनी, उदय, बचपन और आरम्भ का विशेष योगदान है, साथ ही पुलिस लाइन के सूबेदार, प्रधान आरक्षक, आरक्षक ने लगातार सामुदायिक पुलिस कार्य कर अपना योगदान दिया है। बालिकाओं को पढ़ाने में योगदान देने वाले नव आरक्षको को भी पुरस्कृत किया गया है।