– जांच में हुए फैल सैंपल,पीडब्लूडी ईई की मानीटरिंग में रही कमी,जनता झेल रही परेशानी
– जांच दल को कांग्रेसियों ने सुनाई जमकर खरी खोटी
रायसेन। रायसेन नगर में व्यवस्थित सड़क का सपना दिखाते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ.प्रभुराम चौधरी ने इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताया था और यह ड्रीम प्रोजेक्ट शुरूआत से ही घटिया निर्माण की भेंट चढ़ गया और इस घटिय निर्माण को पोषित करने वाले तत्कालीन कार्यपालन यंत्री किशन वर्मा पर कार्रवाई ना करते हुए उन्हें उत्कृष्ट कार्य किए जाने पर 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किया गया। इस घटिया निर्माण को बढ़ावा मिलने की वजह से ठेकेदार की मनमानी जारी रही और रायसेन नगर के नागरिकों अब नव निर्मित सड़क में गड्ढों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को रायसेन शहर में लोक निर्माण विभाग के सचिव आरके मेहरा और पीडब्लूडी के अधीक्षण यंत्री योगेंद्र सिंह इस रोड की जांच करने और सैंपल लेने पहुंचे तो युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष विकास शर्मा,रूपेश तंतवार ने बदहाल सड़क की धरातल पर स्थिति को बता दिया,इस दौरान तीखी नोंक झोंक की स्थिति भी बनी और रायसेन एसडीएम मुकेश कुमार सिंह ने मोर्चा संभाल लिया।

पीडब्लूडी के सचिव ने कहा बहुत खराब हुआ काम
जांच दल में शामिल मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग के सचिव आरके मेहरा ने रोड निरीक्षण के बाद मीडिया के सवालों के जवाब पर कहा कि काम ठीक तरीके से नहीं हुआ है। हम स्वीकार करते हैं। लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए जल्द ही इस रोड की मरम्मत और सुधार कार्य किया जाएगा। जांच के बाद जो भी दोषी होंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के ईई पीके झा को निर्देश दिए हैं। जल्द से जल्द इस रोड को ठीक किया जाए। उन्होंने कहा कि और भी सड़कें बनती हैं, सभी ठीक नहीं होती। कुछ न कुछ खामियां रहती है उनको ठीक किया जाता है।
ड्रीम प्रोजेक्ट फोरलेन सड़क
सांची विधायक और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ.प्रभुराम चौधरी के ड्रीम प्रोजेक्ट गोपालपुर से सागर रोड खरगावली तक फोरलेन रोड अभी भी अधूरा है। आरोप है कि ठेकेदार ने इस पर घटिया काम किया है। यहां सही तरीके से नाले नहीं बनाए गए। सड़क भी बनते के साथ ही उखड़ गई। इसी बात का विरोध कांग्रेस नेताओं सहित आम लोगों ने शुरू कर दिया हैं।

सैंपल हुए फैल घटिया निर्माण की खुली पोल – रायसेन गोपालपुर खरागाबली फोरलेन सड़क वर्तमान में घटिया सड़क बन गई है। जहां 4 साल तक घटिया निर्माण चला और अब खुद पीडब्लूडी विभाग के सचिव स्वीकार कर रहे है कि पिछले अपै्रल में जो सैंपल लिए गए थे वो फैल हो गए है मतलब साफ है कि सड़क की गुणवत्ता जो मापदण्ड के मुताबिक नहीं पाई है और सड़क में बहुत घटिया मटेरियल लगा गया है। वहीं देखा जाए तो नागरिकों को सिर्फ फोरलेन घटिया सड़क का ही सामना करना होगा क्योंकि ठेकेदार को करीब 80 प्रतिशत की राशि का भुगतान हो चुका है और रिकवरी का कोई प्रावधान नहंी है,सिर्फ ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड किया जा सकता है और जो गारंटी की राशि जमा है वो जप्त होगी। इसके अलावा कुछ नहीं होगा।