रामानुजगंज । शासकीय राशि का दुरुपयोग और करोड़ों की गड़बड़ी के मामले को लेकर सुर्खियों में रहे स्थानीय जल संसाधन विभाग कार्यालय में अधिकारी कर्मचारियों के नदारद रहने से यहां सन्नाटा पसरा हुआ है। जिला बनने के बाद भी इस कार्यालय के संचालन में कोई कसावट नहीं आई।
आज हालत यह है कि कार्यालय के प्रत्येक कमरों में ताला जड़ा रहता है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि या उच्च अधिकारी कार्यालय के अधिकारी कर्मचारियों के रवैए को नहीं बदल पाए हैं। कार्यालय में पदस्थ अधिकारी हमेशा मुख्यालय से बाहर ही रहते हैं और उनके अधीनस्थ छोटे कर्मचारी भी कम ही दिखाई पड़ते हैं। यहां के प्रभारी कार्यपालन यंत्री, एसडीओ एवं सब इंजीनियर पर करोड़ों रुपए की गड़बड़ी के मामले में अपराध पंजीबद्ध किए जाने के बाद नव पदस्थ कार्यपालन अभियंता एनसी सिंह भी कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना आवश्यक नहीं समझते । फिलहाल कार्यालय के कर्मचारी एवं अधिकारी अंबिकापुर अपना निवास बनाकर वहां रहना अधिक पसंद करते हैं। लोगों का आरोप है कि कार्यालय में ताला जड़कर पूरा कार्य अंबिकापुर में किया जाता है। यहां तक कि कंप्यूटर ऑपरेटर सहित ठेकेदारों एवं अन्य कार्यों की राशि का चेक अंबिकापुर से ही काटा जा रहा है। रामानुजगंज का मुख्यालय तो सिर्फ मुखौटा बनकर रह गया है।सोमवार को कार्यालय में दोपहर 12 बजे तक दो बजे तक कार्यालय सहायक के अलावा कोई नहीं था। कार्यालय के सभी कमरों में ताला लटका हुआ था।
ग्रामीण रहते हैं परेशान-
कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारी के नहीं रहने से ग्रामीण परेशान रहते हैं। बांध के क्षतिग्रस्त एवं मुआवजा के संबंध में जानकारी लेने के लिए जब कार्यालय में पहुंचते हैं तो सभी के नदारद होने के कारण उन्हें वापस घर लौट जाना पड़ता है। ग्रामीण भी कार्यालय की बदहाली से परेशान है । जल संसाधन विभाग की लापरवाही के कारण जीवनदायिनी कन्हर नदी में बना हुआ एनीकट का गेट नहीं सुधरा। इस कारण भीषण गर्मी में एनीकट पूरी तरह सूख गया है।
संबंधितों पर की जाएगी कार्रवाई- आऱ एक्का
जल संसाधन विभाग में अधिकारी कर्मचारी के नदारद रहने के संबंध में कलेक्टर रिमिजियुस एक्का ने कहा कि इस विभाग के बारे में मुझे कई दिनों से शिकायत मिल रही है। संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से बात कर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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