देवेंद्र तिवारी सांची रायसेन
गर्मी के मौसम में भी सौर ऊर्जा से संचालित एक बैंक द्वारा जगह जगह जलकेंद्र निर्मित तो कर दिये गये बावजूद इसके यह जलकेंद्र होना न होना बराबर लगने लगा है यह जलकेंद्र शीतल की जगह गरम पानी उगल रहे हैं ।
जानकारी के अनुसार नगर में जोर-शोर से सौर ऊर्जा से चलने वाले एक बैंक द्वारा नगर में जगह जगह स्वच्छ जलकेंद्र निर्मित किये गये है जबकि हर वर्ष नगर परिषद प्रशासन एवं सामाजिक कार्यकर्ता इस स्थल पर आने वाले लोगों को शीतल जल उपलब्ध कराने जगह जगह प्याऊ खोल कर शीतल जल उपलब्ध कराते थे परन्तु इस वर्ष सौर ऊर्जा से संचालित होने वाले स्वच्छ जल एवं शीतल जल गर्मी के मौसम में लोगों को उपलब्ध कराने जलकेंद्र तो स्थापित कर दिये गये तथा इन्हें शुरू भी कर दिया गया बावजूद इसके इन्हें न तो निर्मित करने वाली बैंक को ही पलटकर देखने की फुर्सत नहीं मिल सकी न ही इस ओर सौर ऊर्जा के जिम्मेदार ही इन जलकेंद्रो को ही पलटकर देख सके जिससे इन जलकेंद्रो पर लोग शीतल जल की आस लगाए पहुंच जाते हैं परन्तु यह जलकेंद्र शीतल जल की जगह गरम जल उगल रहे हैं जिससे लोगों को गर्मी में मिलने वाले गर्म पानी से परेशान हो उठे हैं इस मामले में अनेक लोग बताते हैं कि इससे तो प्याऊ ही ठीक थी जिससे कम से कम मटकों का ठंडा पानी मिलने से कंठ ठंडे हो जाते थे जलकेंद्रो के नाम पर सरकार की लाखो रुपए फूंक डाले गए इसके बाद भी ठंडे पानी के स्थान पर गर्म पानी पिलाया जा रहा है जबकि इस गर्मी के मौसम में लोगों को ठंडे पानी की आस लगी रहती है इस स्थल पर बड़ी संख्या में पर्यटकों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों लोग आते जाते रहते हैं इनमें महिला बच्चे भी शामिल रहते हैं परन्तु इन जलकेंद्रो से उगलने वाले शीतल पेय जल की ओर ध्यान नहीं पहुंच पा रहा है न ही जिम्मेदार लाखों करोड़ों खर्च कर भी सुध नहीं ले पा रहे हैं ।