श्रीमद भागवत ज्ञान गंगा सप्ताह::कलयुग में सत्य तप दया दान से ही जीव का कल्याण संभव-स्वामी श्री नित्यानंद नंद जी महाराज
उदयपुरा रायसेन। समीपस्थ ग्राम कढेली कलां में चल रही श्री मद्भागवत कथा संतसंग समागम में बोलते हुए पूज्यपाद स्वामी जी महाराज ने कहा कि धर्म के चार पैर सत्य तप दया दान होते हैं।जिन पर हमारा जीवन आधारित है।
कलयुग क्रमशः एक एक कर तीन पैर काट देता है सिर्फ दान रह जाता है हमारे जीवन में दान करने का महत्व है जो कलयुग में मोक्ष का साधन है। हमारे द्वारा आय के दस प्रतिशत दान करने से लक्ष्मी की प्राप्ति एवं दान नहीं करने से लक्ष्मी नष्ट हो जाती है।
पूज्य श्री नित्यानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि सत्य एवं दया पर आधारित सात्विक तपस्वी ग्रहस्थ जीवन यापन करना चाहिए सतो गुणी मानव जीवन का कल्याण हो जाता है।
श्रीमद भागवत कथा अमृत संतसंग में आसपास ग्रामों से प्रतिदिन लगभग सेंकड़ों की संख्या में श्रृद्धालुजन कथा श्रवण का लाभ ले रहे हैं।