खुले बाजार में पर्याप्त यूरिया ?
विनोद साहू बाड़ी रायसेन
जिले की बाड़ी तहसील कृषि पर आधारित हैं और किसानी में रायसेन जिले में ही नहीं प्रदेश में नंबर पर आती हैं ।
बारना बाँध ने बदली क्षेत्र के किसानों की तकदीर
वर्तमान में बारना बाँध से लगभग अस्सी हजार हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित हो गई जिसमें किसान अब तीन फसलों को पैदा करने में सक्षम हो गया और बह ग्रीष्म ऋतु में मूँग की फसल ,वर्षाकाल में बासमती धान, और शीतकाल में गेंहू की फसलों को अपने खेत में लहलहाती देख खुशी से नाचने लगता हैं ।
काला बाजारी ने बिगाड़ा किसानों का गणित
वर्तमान में बाड़ी क्षेत्र में लगभग पैतीस हजार हेक्टेयर में गेंहू की फसल बोई गई हैं , लेकिन कालाबाजारी करने वाले बड़े किसानों ने अपने धन का उपयोग कर स्टाक मूँग की फसल तक के लिए कर लिया और व्यापारियों ने काला बाजारी करने के लिए लिए , खुले बाजार में यूरिया 400 रुपये की एक बोरी मिल रही हैं बहीं सरकार द्वारा भी इन बिलोचियों को पोषित करने के लिए समय पर 266 की बोरी उपलब्ध न कराने की मंशा के चलते छोटे छोटे किसान हैरान परेशान हो रहे हैं।
पुलिस के साये में हो रहा वितरण
शनिवार को बाड़ी के डबललाँक में दो गाड़ी यूरिया की पुष्टि अधिकारी ने की और इन दो गाड़ियों में 1400 बोरी यूरिया आया जबकि किसानों को प्रति एकड़ दो बोरी चाहिए और कमी के चलते प्रति एकड़ एक बोरी दी जा रही हैं। रात तीन बजे से ही लाइन लगाकर किसानों ने रतजगा किया , लेकिन लाइन लंबी होने और कम यूरिया होने से पुलिस के साये में वितरण किया जा रहा हैं ।
इनका कहना- आज हम खुद मौके पर पहुँचे और किसानों की समस्याओं को महसूस किया कल परसो फिर पिपरिया में रेंक आ रही जिससे किसानों को कोई यूरिया संबंधी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
नीरज भार्गव डीएमओ रायसेन