रायसेन।गत 2 सितंबर को मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय में कार्यरत सभी शैक्षणिक एवं शैक्षणिक कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस लिए जाने के लिए जारी निर्देश यह विद्यार्थियों के लिए अनुचित निर्णय है।

जहां महाविद्यालय दिल विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है सभी शाखाओं में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं है वहां में विद्यार्थियों की उपस्थिति और शैक्षणिक कार्य जैसी कैसे संभव होगा साथ ही अगर शैक्षणिक संस्थाओं में विद्यार्थियों कुल नामांकन संख्या देखी जाए तो उस अनुपात में आज कई स्थान पर पर्याप्त क्लासरूम अधोसंरचना की व्यवस्था नहीं है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का यह स्पष्ट मानना है कि सरकार को प्राथमिकता से महाविद्यालय विश्व विद्यालयों में रिक्त पड़े सैटरडे पदों पर द्वारका से भर्ती करनी चाहिए झांसी छतरपुर छिंदवाड़ा जैसे विश्वविद्यालयों को नव घोषित महाविद्यालय के अपने भवन निर्माण की ओर क्रियाशील बनना चाहिए आज कई महाविद्यालय विश्वविद्यालय इंटरनेट वाई-फाई की सुविधा से वंचित है ऐसे में इस निप्पल प्रयोग साबित होंगे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विदिशा विभाग संयोजक शुभम उपाध्याय ने इस आदेश को तुरंत वापस लेने का अनुरोध करते हुए प्राध्यापकों की भर्ती प्राथमिकता से करने का जोर दिया