मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दीवानगंज क्षेत्र में लगातार बढ़ रही आगजनी की घटनाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शॉर्ट सर्किट और अन्य कारणों से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचने के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है।
इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए बिजली कंपनी ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। अब प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक यानी पूरे 5 घंटे बिजली कटौती की जा रही है, ताकि शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं को रोका जा सके और खेतों में खड़ी फसल को सुरक्षित रखा जा सके।
बिजली विभाग का मानना है कि गर्मी के मौसम में तारों में लोड बढ़ने और स्पार्किंग के कारण आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे गेहूं की सूखी फसल तेजी से चपेट में आ जाती है। ऐसे में यह कटौती एक तरह से सुरक्षा उपाय के रूप में लागू की गई है।
हालांकि, इस फैसले से जहां किसानों को कुछ हद तक राहत मिली है, वहीं व्यापारियों और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 5 घंटे की लगातार बिजली कटौती के कारण दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। गर्मी के इस मौसम में लोग बिजली न होने से परेशान हैं, खासकर छोटे व्यापारी और ग्रामीण क्षेत्र के लोग।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बिना पूर्व सूचना के हो रही लंबी कटौती से उनका धंधा चौपट हो रहा है। वहीं आम नागरिकों ने भी मांग की है कि बिजली कटौती का कोई वैकल्पिक समाधान निकाला जाए, ताकि किसानों की फसल भी सुरक्षित रहे और आम जनजीवन भी प्रभावित न हो।
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन और बिजली कंपनी इस समस्या का संतुलित समाधान कैसे निकालते हैं, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों को राहत मिल सके।
बता दें कि दीवानगंज क्षेत्र में अभी तक पांच जगह आगजनी की घटना हो चुकी है जिनमें कई किसानों की कई एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई है।
पिछले सप्ताह शॉर्ट सर्किट से अंबाडी निवासी खुमान सिंह की दो से तीन एकड़ फसल जलकर राख हो गई थी
वही ग्राम पंचायत गीदगढ़ के गांव भंवर खेड़ी में एक दिन पहले ही रविवार को फूल सिंह ,कमल सिंह, दातार सिंह,पर्वत सिंह धाकड़ की लगभग 7 से 10 एकड़ फसल जलकर राख हो गई है।
इनका कहना हे
क्षेत्र में लगातार शॉर्ट सर्किट और अन्य कारणों से किसानों की फसले जलने की सूचना प्राप्त हो रही है। इसलिए बिजली कंपनी ने 5 घंटे बिजली कटौती करने का फैसला किया है यह कुछ ही दिनों के लिए है जैसे ही क्षेत्र में किसानों की फ़सले कट जाएगी, फिर लगातार बिजली मिलने लगेगी।
मनीष कुमार जूनियर इंजीनियर बिजली कंपनी