प्रशासन की मध्यस्थता और व्यापारियों के साथ घंटों चली बैठक के बाद बनी सहमति
नियमानुसार तुलाई और एमएसपी के पालन के निर्देश
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
कृषि उपज मंडी गैरतगंज में सोमवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब उपज के कम दाम मिलने से नाराज किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसानों ने न केवल मंडी में हंगामा किया, बल्कि भोपाल-सागर मुख्य मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी कर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

सोमवार को गैरतगंज कृषि उपज मंडी में करीब 500 ट्रैक्टर-ट्रालियों की बम्पर आवक हुई थी। किसानों का आरोप है कि व्यापारियों ने मिलीभगत कर अच्छे गुणवत्तापूर्ण गेहूं की बोली 2200 से 2300 रुपये के बीच लगाई, जो शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी कम है। इससे पहले किसानों को बेहतर दाम मिल रहे थे, लेकिन अचानक कीमतों में गिरावट देख किसान आक्रोशित हो उठे। तथा हंगामा शुरू कर दिया।किसानों के हंगामे एव भोपाल सागर मुख्य सड़क मार्ग पर चक्काजाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार नरेश सिंह राजपूत, एसडीओपी सोनाली गुप्ता और थाना प्रभारी डीपी लोहिया दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने किसानों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया और चर्चा के लिए मंडी सभागार में बैठक बुलाई।

बैठक में इन बिंदुओं पर बनी सहमति
मंडी सचिव अभय पाल सिंह, किसान प्रतिनिधियों मुकेश धाकड़, हेमंत गुर्जर और व्यापारियों के बीच प्रशासनिक अधिकारियों के बीच करीब दो घंटे तक चली मैराथन बैठक में निर्णय लिए गए कि व्यापारियों को एमएसपी का पालन करना होगा तथा व्यापारी शासन द्वारा निर्धारित एमएसपी से नीचे बोली नहीं लगाएंगे। वही यदि उपज एफएक्यू मापदंडों पर खरी नहीं उतरती है, तो भी किसान की बिना अनुमति के कम दाम पर खरीदी नहीं की जाएगी। तुलाई।में पारदर्शिता के लिए तुलाई के समय बोरी के वजन 700 ग्राम के अतिरिक्त कोई भी अवैध कटौती या ज्यादा माल नहीं लिया जाएगा। अधिकारियों ने व्यापारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि मंडी नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।
रायसेन किसान सम्मलेन का करेंगे बहिष्कार
किसान प्रतिनिधि मुकेश धाकड़ ने स्पष्ट किया कि यदि 10 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीदी सुचारू रूप से शुरू नहीं हुई, तो क्षेत्र के किसान रायसेन में होने वाले किसान सम्मेलन का बहिष्कार करेंगे। साथ ही किसानों ने चना और मसूर की समर्थन मूल्य पर खरीदी तत्काल शुरू करने की मांग भी की है।