मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम अंबाडी के श्री गणेश चौक सदर बाजार में पिछले 10 दिनों से चल रही भव्य रामलीला का समापन अंतिम दिन श्रीराम और रावण के महायुद्ध के साथ हुआ।
दसवें दिन व अंतिम दिन श्रीराम और रावण की सेना में भीषण संघर्ष का मंचन हुआ।रामलीला में लंका दहन के दृश्य में जहां दर्शकों का उत्साह देखते बन रहा था वहीं अशोक वाटिका के प्रसंग ने भावुक कर दिया।

कुंभकरण वध, मेघनाद वध, अहिरावण वध, रावण वध, राम-भरतमिलन, श्रीराम राज्याभिषेक की लीला का मंचन किया गया। लक्ष्मण मेघनाथ युद्ध, कुंभकरण वध के बाद रावण वध का मंचन देख दर्शकों ने कलाकारों की सराहना की।मंचन के दौरान जैसे ही भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया, पूरा क्षेत्र “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया।
रामलीला के अंतिम दिन बड़ी संख्या में ग्रामीण दर्शक उपस्थित रहे। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत युद्ध का दृश्य इतना जीवंत था कि दर्शक भाव-विभोर हो गए। रावण वध के बाद भगवान श्रीराम की विजय के प्रतीक के रूप में भव्य विजय जुलूस निकाला गया, जिसमें ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
जुलूस के दौरान जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भगवान श्रीराम का स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर श्रद्धालु नाचते-गाते नजर आए। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
आयोजन समिति ने बताया कि इस बार भी रामलीला का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम के समापन पर ग्रामीणों ने आयोजन समिति और कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कृति और आस्था को मजबूत करते हैं। रामलीला में मंचन करने वाले कलाकार सभी गांव के ही ग्रामीण थे।