देवेन्द्र तिवारी सांची, रायसेन
अब जब किसानों की फसलें तैयार हो चुकी कटाई की शुरुआती दौर में एक बार फिर आसमान में छाये घने बादलों की गडगड़ाहट के साथ हवा तेज पानी ने किसानों के सामने फिर मुसीबत खड़ी कर दी है ।
जानकारी के अनुसार किसानों की सालभर की मेहनत गेहूं चने की फसल अब जब तैयार हो कर कटाई शुरू हो चुकी थी तथा खेतों में लगातार हार्वेस्टर की आवाज गूंज रही है तथा इस बैमौसम बारिश से चिंतित किसान अपनी तैयार फसलों को अपने घर लाने की जुगत भिडा रहे थे तभी अचानक मौसम की करवट ने उन्हें चिंता में डाल दिया ।एक तरफ किसान फसलें निकालने की तैयारी में जुट गए वहीं दूसरी ओर आसमान में छाये घने बादलों की गडबडाहट तेज हवा तथा पानी की बौछारों ने चिंता में डाल दिया इससे खेतो मे चलने वाले हार्वेस्टिंग का काम थमनै तथा फसलें बर्बाद होने का खतरा मंडराने लगा है ।इससे न केवल फसलों की रंगत बदलने का खतरा खडा हो गया बल्कि तेज हवा में फसलों के आडे होने का खतरा भी मंडराने लगा है ।इस बैमौसम बारिश से किसान संजीत वर्मा ब्रजकिशोर पटेल ने चिंता जताई है