सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
मध्यप्रदेश शिक्षक संघ ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 को फिलहाल स्थगित करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। संघ ने मांग की है कि इस विषय से जुड़े मामले में सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर होने और निर्णय आने तक परीक्षा आयोजित न की जाए। संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर एवं महामंत्री राकेश कुमार गुप्ता द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया है कि 1 सितंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली द्वारा दिए गए निर्णय के अनुसार शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 23(1) और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की अधिसूचना 2011 के तहत कक्षा 1 से 8 तक शिक्षक बनने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। संघ के रायसेन जिला अध्यक्ष गिरीश चंदेल ने पत्र की जानकारी देते हुए बताया कि पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रदेश में वर्ष 1998 से 2000 के बीच नियुक्त शिक्षकों तथा 2005 व 2008 में संविदा शाला शिक्षक, शिक्षा कर्मी और गुरूजी की पात्रता परीक्षाएं आयोजित कर उन्हें नियमानुसार नियुक्त किया गया था। इसके बाद 2011 के बाद नियुक्त शिक्षक भी टीईटी उत्तीर्ण कर चयनित हुए और वर्तमान में 20 से 22 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे हैं।
डेढ़ लाख से अधिक शिक्षक हो सकते हैं प्रभावित
शिक्षक संघ ने पत्र में कहा है कि इस मामले में जम्मू-कश्मीर और उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की गई है। ऐसे में जब तक न्यायालय का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक परीक्षा स्थगित रखी जाए। संघ के अनुसार प्रदेश में करीब 1.5 लाख शिक्षक इस निर्णय से प्रभावित हो सकते हैं। संघ ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि शिक्षक हित में राज्य सरकार भी सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करे और अंतिम निर्णय आने के बाद ही टीईटी परीक्षा आयोजित की जाए।