सुरेंद्र जैन धरसीवां
चरोदा से मोहदी जाने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क उद्योगों के भारी वाहनों से जर्जर होकर ग्रामीणों के लिए जानलेवा बनी हुई है बाबजूद इसके कई आंदोलन के बाद भी सड़क का पुनर्निर्माण नहीं हुआ है।
इसी जर्जर सड़क पर एक युवक रायपुर के निजी अस्पताल में जिंदगी ओर मौत से जूझ रहा है.चरोदा से मोहदी होते नगरगांव दौंदे जाने वाली बारह टन क्षमता वालो पीएम सड़क पर करीब दर्जनभर उद्योगों के भारी वाहन निरंतर दौड़ते है जिससे हालात ये हैं कि दिनभर जर्जर मार्ग पर धूल दस्ट उड़ती रहती है दो दुपहिया सवार ओर पैदल चलने वालो को आंखों में चुभती है ओर वह दुर्घटना का शिकार होते है.

सांकरा निवासी सूर्या टंडन बीती रात अपनी दुपहिया से जर्जर मार्ग पर फिसल गए बेहोशी की अवस्था में उन्हें रायपुर के नारायण अस्पताल में भर्ती किया गया है जहां वह कोमा में जिंदगी ओर मौत से जूझ रहे है सूर्या के पिता नहीं है इस दुनिया में ओर वह अपनी मां छोटी बहिन ओर एक मंद बुद्धि भाई का इकलौत सहारा है .सूर्या के परिजनों का कहना है कि अस्पताल में बहुत पैसे लग रहे जबकि उसका आयुष्मान कार्ड भी हैं