आरएसएस शताब्दी वर्ष पर हनुमानगढ़ में सामाजिक प्रेरणा की गूंज -प्रमुख जन गोष्ठी में राष्ट्र निर्माण का संदेश
सत्यवन गोस्वामी सुल्तानगंज रायसेन
भारत की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सशक्त करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में हनुमानगढ़ में एक प्रभावशाली प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम आरएसएस खण्ड हनुमानगढ़ द्वारा स्थानीय संस्कारोदय स्कूल परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं समाज के विभिन्न वर्गों के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रांतीय गौ सेवा प्रमुख वेदपाल झा ने कहा कि भारत ने विश्व को अंक ज्ञान, योग, संगीत, शिक्षा और परिवार व्यवस्था जैसी अमूल्य धरोहरें दी हैं। इसके बावजूद लंबे समय तक पराधीनता झेलने के बाद भी भारत ने अपनी सांस्कृतिक आत्मा को जीवित रखा — यही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।

वहीं जिला सेवा प्रमुख दीपक श्रीवास्तव ने समाज को संगठित करने पर बल देते हुए कहा कि जब तक समाज सशक्त, अनुशासित और आत्मबोध से युक्त नहीं होगा, तब तक राष्ट्र अपने पूर्ण वैभव को प्राप्त नहीं कर सकता। उन्होंने नागरिक कर्तव्य को ही सच्ची देशभक्ति बताते हुए दैनिक जीवन में स्वदेशी भाव अपनाने का आह्वान किया।
भाषा, भोजन, भेष-भूषा और व्यवहार में भारतीयता को आत्मसात करने से राष्ट्र स्वतः मजबूत होता है — इस विचार के साथ समाज की सज्जन शक्ति को सक्रिय करने पर विशेष जोर दिया गया।
गोष्ठी का मुख्य संदेश रहा कि समाज के सभी वर्ग एक-दूसरे के पूरक बनकर कार्य करें, तभी एक सशक्त और समरस राष्ट्र का निर्माण संभव है। कार्यक्रम विचार, दृष्टि और दिशा प्रदान करने वाला प्रेरणादायक आयोजन सिद्ध हुआ।