भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा सहित जन प्रतिनिधि एवं श्रद्धालु बड़ी सख्या में हुए शामिल
सी एल गौर रायसेन
जिला मुख्यालय स्थित बार्ड क्रमांक तेरह अवंतिका कॉलोनी में श्री गौरी शंकर ऋण मुक्तेश्वर महादेव जनकल्याण समिति के तत्वाधान में आयोजित की जा रही श्रीमद् भागवत कथा में प्रख्यात कथावाचक पंडित विपिन बिहारी जी महाराज की कथा को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, बुधवार को भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य व्यक्ति भी कथा श्रवण करने और महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पहुंचे।

सहज सरल और मृत्यु भाषी व्यवहार और कथा वाचन से आम श्रद्धालुओं को भाव विभोर करने वाले विपिन बिहारी जी महाराज की कथा में बड़ी संख्या में लोग उनकी कथा को सुनने पहुंच रहे हैं । कथा स्थल पर व्यापक पंडाल बनाया गया है श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए आयोजन समिति द्वारा व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं, नगर में पंडित विपिन बिहारी जी महाराज पहली बार बुंदेलखंड की मधुरभाषा में कथा सुनाने आए हैं जिन्हें सुनने के लिए लोगों की काफी भीड़ जमा हो रही है, सर्वाधिक तौर पर महिला श्रद्धालुओं की भीड़ कथा स्थल पर ज्यादा दिखाई दे रही है

महाराज जी ने जब कथा भक्तों को सुनाई तो पंडाल में बठे श्रद्धालु कथा सुनकर भाव विभोर हो गए।आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचक श्री श्री 108 श्री श्री गौ पीठाधीश्वर विपिन बिहारी दास महाराज ने जीवन मूल्यों पर आधारित प्रवचन देते हुए कहा कि इंसान को उतना ही भोजन करना चाहिए, जितना वह पचा सके और उतना ही धन अर्जित करना चाहिए, जितना वह सही तरीके से खर्च कर सके। कथा के दौरान महाराज ने माता-पिता की सेवा और सम्मान पर विशेष जोर देते कहा कि आज के समय में कई लोग अपने माता पिता की सेवा नहीं कर रहे जबकि माता पिता उनके लिए भगवान है जिन्होंने हमें जन्म दिया उन्हें ही कई कलयुगी लोग भूल रहे हैं, उन्होंने भावुक उदाहरण देते हुए कहा कि जो मां अपने बच्चों को कड़कड़ाती ठंड में छाती से लगाकर सुलाती थी आज वही मां बच्चों की उपेक्षा के कारण या तो घर के कोने में बच्चों के पैरों के पास या फिर वृद्ध आश्रम में जीवन बिताने को मजबूर है।

कथा प्रतिदिन दोपहर एक बजे से हरि इच्छा तक चल रही है, कथा पंडाल में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे जो कि विपिन बिहारी महाराज के श्री मुख से कथा का रसपान कर भावविभोर हो गए। महाराज जी ऐसे निराले कथावाचक है कि जिनकी कथा सुनने के लिए लोग उत्साहित रहते हैं। आयोजन समिति के सभी सदस्यों ने अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर सनातन धर्म प्रेमियों से लाभ उठाने की अपील की है।