मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
अंबाडी गांव के गणेश मंदिर पर चल रही रामलीला के आखिरी दिन रंगमंचीय रामलीला में रावण वध व राजतिलक प्रसंग का मंचन हुआ। रामलीला के अंतिम दिन भक्तों का खासी भीड़ उमड़ी रही। रामलीला दृश्यों के बीच बीच में भक्ति गीतों पर कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुत किया।
इस दौरान अयोध्या धाम धर्म प्रचारक मंडल काशी प्रयागराज के कलाकारों के मंचन को दर्शकों ने खूब सराहा। 9 दिनों तक चली रामलीला में विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया गया। मेघनाद, कुंभकरण वध के साथ ही रावण वध की लीला का मंचन कलाकारों ने किया। श्री राम-लक्ष्मण एवं रावण के बीच लगभग आधे घंटे तक युद्ध चला

भगवान श्रीराम जैसे-जैसे रावण के शीश काटते थे। वैसे ही नए शीश निकल आते थे। इसी बीच रावण का भाई विभीषण श्रीराम के पास पहुंचा। कहा प्रभु इसकी नाभि में अमृत है। जब तक इसकी नाभि का अमृत नष्ट नहीं होगा, तब तक आप रावण को नहीं मार सकते। भगवान श्रीराम ने तुरंत रावण की नाभि में तीर मारा। तीर लगने से नाभि का अमृत सूख गया और भगवान श्रीराम ने रावण के दसों शीश बीसों भुजाओं को काट डाला और इस तरह रावण का अंत हुआ।
जिसे रामलीला देखने वाले दर्शकों को खूब सराहा। लंका में रावण वध के बाद श्री राम, लक्ष्मण व सीता अयोध्या लौट आए। इस दौरान अयोध्या में लोगों ने भगवान श्रीराम का फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया। जिसके बाद ब्राह्मणों ने श्रीराम को अयोध्या की गद्दी सौंपकर श्री राम का राजतिलक किया।