सुरेन्द्र जैन धरसीवां रायपुर
सांकरा निको निजी स्कूल निजी स्कूल कम कपड़ा मोजा जूता ड्रेस स्वेटर बेचने की दुकान अधिक बन गए हैं पहले तो मनमाने रेट पर स्कूल ड्रेस मोजा जूते आदि बेंच गए अब सर्दी शुरू होते ही स्वेटर बेचने का काम निजी स्कूल कर रहे है।
सांकरा सिलतरा धनेली धरसीवां सहित क्षेत्र में बड़ी संख्या में निजी स्कूल हैं पालक जब अपने बच्चो का एडमिशन कराने जाते हैं तो उसी के साथ ड्रेस आदि की राशि जोड़कर ले ली जाती है ।
दो तीन गुना रेट में बेचते है ड्रेस स्वेटर
निजी स्कूल संचालक रायपुर से थोक की दुकान में अपने स्कूल की ड्रेस बनवाते हैं और उस ड्रेस को धरसीवां क्षेत्र के कपड़ा व्यवसायियों को न देने की शर्त रखते है ताकि कोई भी दुकानदार कम रेट में ड्रेस न बेंच पाए और उनके स्कूल में ही बच्चों को ड्रेस खरीदना मजबूरी हो जाए फिर वास्तविक रैट से दो तीन गुना अधिक रेट पर ड्रेस बेची जाती हैं
हर साल कुछ न कुछ कलर में चेंज
निजी स्कूल संचालक अपनी ड्रेस स्वेटर आदि हर साल बेचने में माहिर हैं इसके लिए वह हर साल अपनी ड्रेस और स्वेटर के रंग में हल्का बदलाव करते रहते हैं
शिक्षा विभाग जानकर भी अंजान
ऐसा नहीं कि शिक्षा विभाग को यह सब जानकारी न हो शिक्षा विभाग में बीईओ कार्यालय से लेकर डीईओ कार्यालय तक बैठे सभी जिम्मेदार इस सब से अनभिज्ञ नहीं है बाबजूद इसके उन्होंने आज तक किसी स्कूल में छापा मारकर या पालकों से सत्य जानकर कोई कार्यवाही नहीं की है