मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दीवानगंज में स्थित गुफा मंदिर के चारों ओर बारिश के मौसम में पेड़ों में हरियाली आ जाने के कारण गाना जंगल सा बन जाता है इसी घने जंगल में रामकिशन सेन , लीलाधर शर्मा, उमेश शर्मा, नेतराम सेन सहित कई ग्रामीणों को पहाड़ के नीचे तेंदुआ दिखाई दिया। जिससे इन लोगों में दहशत का माहौल बन गया। लीलाधर शर्मा ने बताया कि सुबह के समय तेंदुआ पहाड़ से नीचे उतरकर घूम रहा था हमारी जैसे ही नजर पड़ी हम डर गए और वह से अपने घर वापस आ गए। तेंदुआ के दिखाई देने के कारण गुफा मंदिर, पड़ाव, और सागोनी में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। कई लोगों ने पहाड़ से लगकर घर बने हुए हैं। इन घरों में 200 से अधिक व्यक्ति रहते हैं तेंदुआ के दिखाई देने के कारण इन सभी लोगों में डर का माहौल दिखाई दे रहा है ग्रामीणों ने मांग की है कि इससे पहले भी कई बार तेंदुआ दिखाई दिया है लेकिन वन विभाग के कर्मचारी तेंदुआ का रेस्क्यू नहीं कर रहे हैं। जिससे हमेशा डर बना रहता है। कुछ दिन पहले तेंदुआ ने पहाड़ से उतरकर पड़ाव में बंदी रंजीत गिरी की बकरियों को ऊपर हमला कर दिया था तेंदुआ के हमले से दो बकरी की घटना स्तर पर मौत हो गई थी तो 6 बकरियां घायल हो गई थी।

दो दिन पहले ही एक तेंदुआ रेलवे ट्रैक पर मरा हुआ पाया गया था इससे ऐसा प्रतीत होता है कि तेंदुआओ की संख्या इस जंगल में तीन से ज्यादा है। जो हर कभी दीवानगंज ,अंबाडी ,नर खेड़ा ,कुलहड़िया, बरजोर पुर ,संग्रामपुर, और कयामपुर में दिखाई दे रहा है।
हालांकि वन विभाग ने न खेड़ा के जंगल में तेंदुआ विचरण करने का एक बोर्ड लगा रखा है। ताकि ग्रामीण तेंदुआ से सतर्क रहें। इसी तरह के अन्य गावों में भी बोर्ड लगना चाहिए ताकि ग्रामीण जंगल में सतर्क होकर जाए।