– छात्र-छात्राओं ने कई प्रकार के कलाकृतियों को अपने हाथों से बनाना सिखा
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सरकार वस्त्र मंत्रालय, कार्यालय विकास आयुक्त हस्तशिल्प के सौजन्य से पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दीवानगंज में शिल्प प्रदर्शन सह जागरूकता का तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भील पेंटिंग, हाथ की कड़ाई, जरी जरदोजी, एवम् व्हील पोर्टी का प्रशिक्षण छात्र छात्राओं को दिया गया।

इस अवसर पर बच्चों को हस्तशिल्प तथा उसकी उपयोगिता के सम्बंध में जानकारी देते हुए शिक्षक मनोज पवार ने बताया कि हस्त शिल्प का पूरी दुनियां में महत्व है। हाथ से निर्मित कालकृतियों को लोग हाथों हाथ लेते हैं। कहा कि बच्चों को हस्तशिल्प के प्रति जागरूक करने का उद्देश्य उन्हें शिक्षा के साथ आत्मनिर्भर बनाना है। बेकार पड़ी वस्तुओं को अगर कला के सांचे में ढाल दिया जाए तो उसकी भी कीमत बढ़ जाती है। इस दौरान बच्चों को विभिन्न प्रांतों की विख्यात कलाकृतियों की विशेषता बताई गई। इसमें बच्चों ने डांइग आलेखन व बुनाई कढ़ाई में अपनी प्रतिभा का सुंदर नमूना पेश कर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया।

हमें अपने आस पास की कला को संरक्षित करने की जरुरत है तभी हम आत्म निर्भर भारत के सपने को साकार कर पाएंगे। बच्चों को मिट्टी के खिलौने एवं मूर्ति बनाना सिखाया हम अपने आस पास की कला को जीवंत कर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजीत कर देश को मज़बूत करे। हमारे बीच तमाम कलाये मौजूद है जो विलुप्त होने की कगार पर है हमें लोकल फॉर वोकल के नारे को मजबूत करना होगा जानकारी के अभाव मे हमारे बीच के शिल्पी आज हाँसिये पर है उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के समापन पर हस्तशिल्प सहायक संचालक श्री नरसिंह सैनी, जिला स्काउट अधिकारी श्री सुशील बिल्लौरे, बेलस्पन कंपनी से श्री हरेंद्र सिंह सिकरवार, निवसिड बचपन से श्रीकांत भार्गव, ओमप्रकाश रैकवार निर्मला बंजारा भूमि सॉल्यूशन से श्री शैलेंद्र राजपूत, विद्यालय प्राचार्य श्री टी.डी.मेश्राम, कार्यक्रम प्रभारी श्री राजेश कुशवाह, प्रीति कहार, श्री मनोज पवार सहित पूरा विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
तीन दिवसीय आयोजन मै 120 से अधिक छात्र छात्राओं ने सह भागीता की। चार गतिविधियों के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 30 बच्चों का चयन किया गया जिनको प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे