देवेन्द्र तिवारी सांची रायसेन
पाइप लाइन बिछाने के नाम पर बनी बनाई पक्की सडकों को खोद दिया गया जिससे लोगों ने बारिश मे दलदली होने का अंदेशा जताया था ।नगर मे हुई तेज पहली बारिश से सडके दलदली हो गई स्तूप रोड भी दलदल मे बदल गया लोगों का चलना मुश्किल हो गया ।
जानकारी के अनुसार नगर मे निर्मित वाटर प्लांट अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने खुदाई कराईं गई थी इस नगर की जर्जर सडके तब नवनिर्मित हुई जब नगर से लगभग पांच वर्ष पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग इस स्थल से गुजरा था तब राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने मुख्य सडक के दोनों ओर लोहे की जाली खडी कर दी जिससे दुर्घटना रोकी जा सके तथा मुख्य सडक के दोनों ओर सर्विस सडक का निर्माण कराया गया जिससे छोटे वाहन एवं पेदल चलने वाले लोग सुरक्षित रह सकें एवं दुर्घटना से बचाव हो सके पहले तो कुछ स्वार्थी लोगों द्वारा जगह जगह से लोहे की रैलिंग गायब कर राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंचने सीधा रास्ता बना डाला ।जिससे दुर्घटना की आशंका को बल मिल गया इसके साथ ही कुछ प्रभावी लोगों द्वारा सर्विस सडक पर कब्जा जमाते हुए उसे खत्म ही कर दिया गया जिससे लोगों को अपनी जान जोखिम मे डालकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार दौडने वाले वाहनों के बीज सडक पार करने मजबूर होना पडा क ई बार लोगों के साथ दुर्घटना भी घटित हो चुकी हैं परंतु राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण विभाग एवं निर्माण ऐजेंसी प्रभावी लोगों के सामने नतमस्तक बन बैठी न तो सर्विस रोड पूरी तरह निर्मित किए जा सके न ही विभाग द्वारा ही अतिक्रमण हटाकर निर्माण कराने की हिम्मत ही जुटाई जा सकी तथा न ही रैलिंग हटाने वालों पर ही कोई कार्रवाई ही की जा सकी ।हद तो तब हो गई जब बनी बनाई सडकों की वाटर प्लांट निर्माण ऐजेंसी द्वारा बीचोबीच पाइपलाइन बिछाने के नाम पर खुदाई कर डाली इस सडकों की खुदाई रोकने न तो राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ही आगे आ सका न ही नगर परिषद प्रशासन जिसके अंतर्गत नगर भर की सडके आती हैं इस खुदाई को रोकने आगे बढ सका है तथा सडके खुदाई होते तमाशबीन बना रहा हालांकि खुदाई के समय नगर के नागरिकों ने बारिश मे सडके दलदली होने एवं सडकों पर चलने मे समस्या खडी होने की आशंका जताई थी अब जब नगर मे पहली जोरदार बारिश हुई तब सडके दलदली हो गई एवं लोगों को सडको पर चलने मे समस्या खडी हो गई राश्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर सर्विस सडको की निर्माण ऐजेंसी ने बीचोबीच खुदाई कर सडको को तहसनहस कर डाला ।यही हाल स्तूप पहुंच मार्ग जो वीआईपी सडक कहलाती है पाइप लाइन बिछाने के नाम पर दलदली बना दिया गया एवं अस्पताल के सामने पूरी तरह दलदल मचा डाला जिससे अस्पताल पहुंचने वाले रोगियों तक को इस परेशानी से जूझने मजबूर होना पड रहा है इस सडकोकी खुदाई होते समय अस्पताल प्रशासन तो चैन की नींद सो रहा था बल्कि इन सडको की खुदाई पुरातत्व विभाग के अधिकारी भी चुप्पी साधे देखते रह गए जबकि सार्वजनिक रूप से निर्मित होने वाली प्याऊ पर तो विभाग ने आपत्ति जताते रोक लगा दी जिससे वह अधुरी निर्मित होकर अपनी दुर्दशा बयान कर रही है परंतु सडकोकी खुदाई न रोकना सवाल खडे कर रहा है ।बताया तो यहां तक जाता है कि जब किसी ऐजेंसी द्वारा सडको की खुदाई करवाई जाती है तब अपने काम निपटा कर उसे उसके मूलरूप मे लाया जाता है परन्तु पाइपलाइन निर्माण ऐजेंसी को इससे कोई सरोकार नही रहा है जो नगर वासियों के सामने तो पक्की सडको को दलदल मे बदला जा रहा है बल्कि इस स्थल पर आने जाने वाले देशी विदेशी पर्यटकों को भी समस्या खडी कर दी गई है इस ओर न तो प्रशासन न ही शासन ही कुछ करने की ही हिम्मत ही जुटा पा सका है