कलेक्टर बोले,पहाड़ी पर जो हार्वेस्टिंग सिस्टम वो काफी प्रेरणादायक लोगों को जागरूक करने वाला है
रायसेन ।किले की पहाड़ी पर स्थित बारादरी में शुक्रवार को जल संरक्षण पर कार्यशाला आयोजित की गई इस कार्यशाला में सांची डॉ प्रभुराम चौधरी भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा, नपा अध्यक्ष सविता सेन, कलेक्टर अरविंद दुबे सहित जनप्रतिनिधि और नागरिक शामिल हुए।
कार्यशाला में कलेक्टर अरविंद दुबे ने कहा कि रायसेन के ऐतिहासिक किले पर जल संरक्षण के जो हजारों साल पहले विधि अपनाई गई थी वो विधि आज के समय में लोगों को प्रेरणादायक है, इस विधि के माध्यम से कॉफी समय तक पानी को साफ और सुरक्षित रखा जा सकता है। किले की पहाड़ी पर जो हार्वेस्टिंग सिस्टम है वह काफी ही प्रेरणादायक लोगों को जागरूक करने वाला है।

कार्यशाला में रायसेन के इतिहासकार राजीव लोचन चौबे ने कहा उसे जमाने में जब इतने ऊंचे पर्वत पर दुर्गा बनाया जा रहा था तो सैनिकों के सामने यह चुनौती थी कि वर्ष का जल हम कैसे संग्रहित करे जो साल भर काम आए। तो उसे समय उन्होंने किले की पहाड़ी पर चार बड़े तालाब बनाए। तालाब बाली जगह के पत्थर निकाल कर महलों के लिए इस्तेमाल कर लिए गए थे हर बिल्डिंग के नीचे उन्होंने एक बड़ा वाटर टैंक बनाया जिसमें वर्षा काल में छत के मार्ग से जल संग्रहित किया जाता था

जो पूरे वर्ष भर पीने के उपयोग में लाते थे इसके अलावा किले की पहाड़ी पर 84 जगह टैंक बने हैं जिनमें पानी संरक्षित किया जाता था। जो अभी भी देखने को मिलते हैं इतनी अच्छी जलसंधारण व्यवस्था उन लोगों ने की थी जिसके कारण कभी भी यहां के लोगों को पानी के लिए सिलेंडर नहीं करना पड़ा था आज भी हम इस पद्धति से जल संग्रहित करते हैं तो 2 साल भर पानी की उपलब्धि बनी रहती है।