सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
रायसेन जिले के गैरतगंज नगर में करोड़ों की लागत से चल रहे सड़क चौड़ीकरण का कार्य अब भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। निर्माण एजेंसी की मनमानी इस कदर बढ़ गई है कि वार्ड 14 की ओर जाने वाली सड़क पर बन रही नाली में न केवल घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, बल्कि तकनीकी नियमों को भी ताक पर रख दिया गया है।
स्थानीय निवासियों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मौके पर देखा गया कि निर्माण एजेंसी दोयम दर्जे की सामग्री का उपयोग कर रही है भारी वाहनों के दबाव वाली इस सड़क पर नाली निर्माण में नाममात्र का और बेहद घटिया स्तर का लोहा उपयोग किया जा रहा है। ठेकेदार द्वारा पेयजल सप्लाई की पाइपलाइन को सीधे नाली के अंदर ही शिफ्ट किया जा रहा है। पाइपलाइन का जोड़ नाली के भीतर होने से भविष्य में सीवेज का गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंचने और महामारी फैलने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

कुंभकर्णी नींद में सोया विभाग, जांच ठंडे बस्ते में
यह पहली बार नहीं है जब निर्माण एजेंसी सवालों के घेरे में है। पूर्व में भी कई स्थानों पर किए गए घटिया निर्माण की पोल खुलने लगी है। बीते दिनों स्थानीय लोगों की शिकायत पर एमपीआरडीसी के अमले ने मौके पर पहुंचकर अनियमितताएं पकड़ी थीं, लेकिन वह जांच अब ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। वही अतिक्रमण हटाने के नाम पर दुकानों पर नोटिस तो चिपकाए गए, लेकिन पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। नगर में चर्चा है कि अधिकारी केवल “दिखावटी जांच” और “नोटिस का ढोंग” कर निर्माण एजेंसी से साठगांठ करने में मशगूल हैं।
प्रशासन का आश्वासन
मामला जब तूल पकड़ने लगा, तब नगर परिषद सीएमओ सुधीर उपाध्याय ने संज्ञान लेते हुए हस्तक्षेप किया। उन्होंने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया है कि कार्य में सुधार कराया जाएगा। हालांकि, जनता में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जब तक निर्माण पूरी तरह भ्रष्टाचार में डूब नहीं जाता, तब तक जिम्मेदार अधिकारी ठोस कार्रवाई क्यों नहीं करते।