हाथ में गौ माता की मूर्ति रखकर 25 किलोमीटर चलते हैं पैदल
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर इन दिनों आस्था और संकल्प की एक अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही है। सोमवार सुबह करीब 7 बजे भोपाल से 6 श्रद्धालु नंगे पैर, कंधे पर बैग और हाथ में गौ माता की मूर्ति लेकर दिल्ली की ओर पदयात्रा पर निकल पड़े। उनके बैग पर केसरिया ध्वज लहरा रहा है और दिल में सिर्फ एक ही संकल्प—गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने की मांग।
इस पदयात्रा में शामिल श्रद्धालु राजू बना, रौनक बना, राम अवतार उर्फ गोलू बना, राहुल हिंदू, अंकित हिंदू और महाराज जी सनातनी भक्ति भाव में लीन होकर प्रतिदिन 25 से 30 किलोमीटर पैदल चल रहे हैं। ये सभी नंगे पैर सफर कर रहे हैं और रास्ते में मिलने वाले धार्मिक स्थलों पर ही विश्राम करते हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि वे भोजन और रहने की चिंता ईश्वर पर छोड़ चुके हैं—“जो मिलेगा, उसी में संतोष करेंगे।” उनका लक्ष्य करीब एक महीने में दिल्ली पहुंचना है, जहां वे सरकार से गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग रखेंगे।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने बताया कि आज सड़कों पर गौ माता की हालत बेहद दयनीय है। आए दिन दुर्घटनाओं में उनकी मौत हो रही है, लेकिन उनके संरक्षण के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। इसी पीड़ा ने उन्हें इस कठिन पदयात्रा के लिए प्रेरित किया है।
हाईवे से गुजरने वाले लोग भी इन श्रद्धालुओं की आस्था और जज्बे को देखकर भावुक हो रहे हैं और जगह-जगह उनका स्वागत कर रहे हैं।
यह पदयात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि एक संदेश है—आस्था, सेवा और गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश, जो भोपाल से दिल्ली तक गूंजने वाला है।