मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले कयामपुर गांव में वन्यजीवों का मूवमेंट लगातार बढ़ता जा रहा है। दो दिन पहले गांव के पास बाघ के पगचिह्न मिलने के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल था, और उसके अगले ही दिन दोपहर करीब 12 बजे कयामपुर निवासी अनिल शर्मा के घर के पीछे अचानक तेंदुआ आकर खड़ा हो गया। अचानक तेंदुए को देखकर परिवार और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
विजय जाटव ने जानकारी देते हुए बताया कि बाघ को ग्रामीणों ने पहाड़ पर बैठा हुआ देखा और उसका वीडियो बना लिया उसके दूसरे ही दिन तेंदुआ अनिल शर्मा के घर के पीछे आकर खड़ा हो गया।ग्रामीणों ने शोर-शराबा कर किसी तरह तेंदुए को वह से बाहर भगाया।
विजय जाटव, लाखन सिंह, राजेश शर्मा, ओमप्रकाश लोधी, गुलशन लोधी आदि ग्रामीणों का कहना है कि कयामपुर और आसपास के क्षेत्र में बाघ और तेंदुए का मूवमेंट लगातार देखा जा रहा है। दोनों ही वन्यजीव कई बार पालतू पशुओं का शिकार कर चुके हैं, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
ग्रामीणों ने बताया कि अब हालात यह हैं कि लोग खेतों में काम करने जाने से भी डर रहे हैं। बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग द्वारा न तो बाघ और न ही तेंदुए का रेस्क्यू किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। गांववासियों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने, पिंजरा लगाने और वन्यजीवों को सुरक्षित स्थान पर पकड़कर ले जाने की मांग की है। बाघ और तेंदुआ अभी तक कई पशुओं का शिकार कर चुका है कुछ दिन पहले ही सत्ती गांव में बाघ ने दो बेलो और दो गाय का शिकार कर लिया था।