– तेज हवाओं के साथ एक घंटा हुई बारिश
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दीवानगंज, अंबाडी, सेमरा, नरखेड़ा, जमुनिया, निनोद, बरजोरपुर, सरार, कयामपुर, संग्रामपुर, करैया, गिदगढ़, सत्ती, टोला, सहित आसपास क्षेत्र में बुधवार-गुरुवार देर रात क्षेत्र में हुई तेज बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। बुधवार देर रात 12 बजे एक झला तेज गिरा इसके बाद मामूली सी बूंदाबांदी होती रही फिर गुरुवार सुबह करीब 5 बजे से एक घंटे तक तेज हवा के साथ बरसात हुई, जिससे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल कई जगह आड़ी होकर गिर गई। वहीं चने की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है।
ग्रामीण इलाकों में किसानों का कहना है कि अधिकांश खेतों में फसल पकने की अवस्था में थी, ऐसे में अचानक हुई बारिश और तेज हवा ने बालियों को जमीन पर गिरा दिया। इससे कटाई में परेशानी और उत्पादन घटने की आशंका बढ़ गई है। कई खेतों में पानी भर जाने से चने की फसल पीली पढ़ने की आशंका है।
हालांकि जिन किसानों ने देर से बोनी की थी, उनकी फसल अभी कम ऊंचाई पर होने से उन्हें कुछ फायदा मिला है। लेकिन क्षेत्र के अधिकांश किसानों को नुकसान झेलना पड़ा है।

खेती में लगातार नुकसान उठा रहे अन्नदाताओं के अरमानों पर मौसम ने फिर पानी फेर दिया। देर रात बारिश के साथ तेज हवाओं ने लोगों को ठंड का अहसास कराया, मौसम की इस मार से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिख रही हैं।
पिछले कई साल से किसानों को खेती में नुकसान ही उठाना पड़ रहा था। कभी बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल तबाह हो गई तो कभी फसलों का उचित मूल्य न मिलने से आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। इस किसानों को गेहूं की फसल से मुनाफे और पुराने नुकसान की भरपाई की उम्मीद थी। लेकिन बुधवार गुरुवार देर रात को मौसम के कड़े रुख के कारण कई किसानों की फसले आड़ी हो गई। गुरुवार सुबह भी आसमान पर काले बादल छाए रहे। ठंड के कारण लोगों को ऊनी कपड़े फिर से निकालने पड़े।

कस्बा दीवानगंज के सुरेश साहू, रामनिवास मीणा ,मुकेश नायक , भगवान नायक, अंबाडी में थान सिंह मीणा, गजेंद्र ठाकुर, गजेंद्र चौकसे , राकेश कुशवाहा दिगपाल नायक , गिरजेश नायक आदि किसानों ने कहा है कि फ़सले आड़ी होने के कारण उत्पादन 20 से 25 फीसदी घट जाएगा।
किसानों ने मांग की है की प्रशासन फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाए क्योंकि ज्यादातर किसानों की फ़सले आड़ी हो गई है जिससे उनको भारी नुकसान हुआ है।