सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
क्रांतिकारी संयुक्त किसान (गैर-राजनीतिक) मोर्चा द्वारा कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकाली जा रही ‘किसान जागृति यात्रा’ का गैरतगंज में भव्य आगमन हुआ। इस दौरान आयोजित जनसभा में राष्ट्रीय स्तर के किसान नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और भारत-अमेरिका कृषि समझौते पर कड़ा प्रहार किया।
गैरतगंज पहुँचने पर क्रांतिकारी किसान संगठन के नेता मुकेश धाकड़, हेमंत गुर्जर, गिरजा शंकर गौर, दिनेश गौर, हरनाम सिंह लोधी, द्वारिका प्रसाद और रामकुमार गुर्जर सहित अनेक साथियों ने यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान जगजीत सिंह डल्लेवाल सहित कई प्रमुख राष्ट्रीय नेता उपस्थित रहे। यात्रा में शामिल राष्ट्रीय किसान नेता सरदार जगजीत सिंह डल्लेवाल ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका के बीच हो रही कृषि डील न केवल किसानों, बल्कि मजदूरों, दुकानदारों और आम जनता के लिए भी घातक है। डल्लेवाल ने चेतावनी दी कि इस समझौते के तहत बाहर से आने वाले तेल, खुराक और बेकरी उत्पाद ‘जेनेटिकली मॉडिफाई’ फसलों से बने होंगे, जो मनुष्य के स्वास्थ्य और डीएनए के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिकी कृषि उत्पादों पर से प्रतिबंध हटने से भारतीय बाजार विदेशी सामानों से भर जाएगा, जिससे स्थानीय किसानों को भारी नुकसान होगा।
प्रमुख मांग: MSP गारंटी कानून
नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक देश के किसान को डॉ. स्वामीनाथन फार्मूले के आधार पर फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य कानूनी गारंटी के साथ नहीं मिलता, तब तक किसानों की आत्महत्याएं नहीं रुकेंगी। अभिमन्यु कोहाड़ ने अमेरिका में किसानों को मिलने वाली मोटी सब्सिडी और भारत में किसानों को मिलने वाली कम सहायता के बीच के अंतर को भी रेखांकित किया।
19 मार्च को दिल्ली कूच का आह्वान
यात्रा के माध्यम से आगामी 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले विशाल एकत्रीकरण का आह्वान किया गया। प्रत्येक गाँव में किसानों की मांगों से संबंधित मांग पत्र पर हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं। ये हस्ताक्षर युक्त मांग पत्र 19 मार्च को प्रधानमंत्री को सौंपे जाएंगे।