-दो घंटे धरने के बाद एसडीओपी के लिखित आश्वासन पर समाप्त हुआ प्रदर्शन
सत्यवन गोस्वामी सुल्तानगंज रायसेन
रायसेन जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका के अपहरण को 38 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से साहू समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी को लेकर शुक्रवार को साहू समाज के जिला पदाधिकारी एवं क्षेत्रीय समाजजन बड़ी संख्या में सुल्तानगंज स्थित साहू समाज धर्मशाला में एकत्र हुए। यहां से समाजजन नारेबाजी करते हुए थाने पहुंचे और थाना परिसर का घेराव किया।

पीड़ित बालिका के पिता ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनके छोटे पुत्र ने रात लगभग 2 बजे जयकुमार राजपूत निवासी ग्राम रतनहरि एवं दुर्गेश राजपूत निवासी घाना कलां को बाइक पर बालिका को बीच में बैठाकर ले जाते हुए देखा था। इसके बावजूद पुलिस ने इस जानकारी के आधार पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद से उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है तथा जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी एवं नाबालिग बालिका की सुरक्षित बरामदगी की मांग की। करीब दो घंटे तक साहू समाज के लोग थाना परिसर में धरने पर बैठे रहे, जहां कभी नारेबाजी तो कभी भजन-कीर्तन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया।
सूचना मिलने पर सिलवानी एसडीओपी अनिल मौर्य एवं नायब तहसीलदार देवेंद्र शुक्ला मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन साहू समाज के पदाधिकारी लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। अंततः एसडीओपी द्वारा तीन दिवस के भीतर बालिका की खोजबीन कर कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त हुआ।
इस दौरान समाजजनों ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए। साथ ही पीड़ित परिवार से खोजबीन के नाम पर वाहनों में डीजल डलवाने जैसी बातों को भी उठाया गया। पूरे मामले ने क्षेत्र में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

साहू समाज के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर नाबालिग बालिका को बरामद नहीं किया गया और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे विधानसभा के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।
धरना-प्रदर्शन में साहू समाज के जिला पदाधिकारी ताराचंद साहू, रामकुमार साहू, महेश साहू, चंद्रमोहन साहू, रामगोपाल साहू, हितेश साहू, भोलेनाथ साहू, अरविंद साहू, शिवदयाल सिमरिया, कैलाश साहू, बसंत साहू, जगदीश साहू, कैसराम साहू, राधे काका, शिवकुमार साहू, नरेंद्र साहू, शिवम साहू सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।