कलेक्टर के आदेश के 6 साल 10 महीने बाद हुई कार्रवाई,
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के ग्राम दीवानगंज में करीब 65 साल पुराने जर्जर उप स्वास्थ्य केंद्र के भवन को आखिरकार जेसीबी की मदद से गिरा दिया गया। लंबे समय से खस्ताहाल भवन मरीजों, ग्रामीणों और अस्पताल परिसर में रहने वाले कर्मचारियों के लिए खतरा बना हुआ था। भवन गिराए जाने के बाद वर्षों से मंडरा रहा हादसे का खतरा फिलहाल टल गया है।
तहसीलदार सुरेश सिंह, डॉक्टर पलक पटेरिया, दीवानगंज चौकी प्रभारी सुनील शर्मा, दीवानगंज सरपंच गिरजेश नायक और हल्का पटवारी सुरेश शर्मा , सचिव रामप्रसाद मालवीय सहित चौकीदारों की मौजूदगी में जर्जर भवन को जेसीबी से ध्वस्त कराया गया।6 साल 10 महीने पहले जारी हुआ था भवन गिराने का आदेश
बताया जा रहा है कि इस जर्जर भवन को गिराने के लिए तत्कालीन रायसेन कलेक्टर द्वारा 6 साल 10 महीने पहले ही लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए थे। 14 अक्टूबर 2019 को आदेश क्रमांक 6460/एस.सी. शाखा/89/2019 के माध्यम से भवन को गिराने के निर्देश दिए गए थे। आदेश में स्पष्ट उल्लेख था कि भवन रिपेयरिंग की स्थिति में नहीं है और इसके कभी भी गिरने से जनहानि हो सकती है। इसके बावजूद भवन वर्षों तक उसी जर्जर हालत में खड़ा रहा।

छत पर उग आए थे पेड़-पौधे, जगह-जगह थीं दरारें
पुराने भवन की हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि इसकी दीवारों में जगह-जगह बड़ी दरारें आ गई थीं। भवन की छत के ऊपर तक पेड़-पौधे उग आए थे। जर्जर दीवारों और कमजोर छत के कारण कभी भी भवन का कोई हिस्सा गिरने की आशंका बनी रहती थी। खास बात यह थी कि इसी परिसर में इलाज कराने आने वाले मरीज और उनके परिजन बैठते थे, जबकि अस्पताल का स्टाफ भी परिसर में निवास करता है।
उप स्वास्थ्य केंद्र और माध्यमिक शाला भवन अंबाडी का 2 साल पहले नायब तहसीलदार नियति साहू द्वारा निरीक्षण किया गया था उस समय भी उप स्वास्थ्य केंद्र और साला भवन से मरीज, स्टाफ, ग्रामीण और विद्यार्थियों को दूर रहने की समझाइए दी गई थी। बार बार खबर सामने आने के बाद वर्तमान कलेक्टर ने मामले को संज्ञान में लेते हुए तहसीलदार को जर्जर भवन को गिराने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए बुधवार को भवन को जेसीबी की सहायता से गिरा दिया गया।
35 गांवों के मरीज आते हैं स्वास्थ्य केंद्र
दीवानगंज का स्वास्थ्य केंद्र आसपास के करीब 35 गांवों के ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। रोजाना बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर में ही खड़ा जर्जर भवन लगातार खतरा बना हुआ था। गनीमत रही कि भवन के गिरने से पहले ही प्रशासन ने इसे ध्वस्त करा दिया, अन्यथा कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था।

सिर्फ दीवानगंज ही नहीं, कई जर्जर भवन अब भी खतरा
दीवानगंज के पुराने उप स्वास्थ्य केंद्र को गिराए जाने के बाद अब प्रशासन के सामने क्षेत्र के अन्य जर्जर भवनों को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अंबाडी के माध्यमिक शाला भवन सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कई पुराने और जर्जर मकान आज भी खड़े हैं। इन भवनों की स्थिति भी कभी भी हादसे का कारण बन सकती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन ऐसे सभी जर्जर भवनों का सर्वे कराकर समय रहते उन्हें गिराने की कार्रवाई करे, ताकि किसी अनहोनी से पहले सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इनका कहना हे
आदेश मिलने के बाद आज दीवानगंज में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र को तोड़ा जा रहा है। यह भवन काफी जर्जर अवस्था में खड़ा हुआ था इसी भवन के आसपास मरीज और स्टाफ रहता है। दुर्घटना घटित ना हो इसलिए आज इसको तोड़ा जा रहा है।
सुरेश सिंह नायब तहसीलदार सांची
यह जर्जर भवन स्टाफ और ग्रामीणों के लिए खतरा बना हुआ था कई बार इसको गिराने की शिकायत की गई थी इसी भवन के आसपास मरीज और ग्रामीण अपने वाहन खड़ा करते थे कई मरीज बैठे भी रहते थे। आज इसको तोड़ा जा रहा है।
गिरजेश नायक सरपंच दीवानगंज